Mantra
Saraswati
Saraswati Vandana Mantra (Ya Kundendu Tushara)
विद्या, कला एवं ज्ञान प्रदायिनी माँ सरस्वती की पावन वंदना।
Text:
🚩 श्री Saraswati Vandana Mantra (Ya Kundendu Tushara) 🚩
॥ सरस्वती वंदना ॥
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
🚩 Saraswati Vandana Mantra (Ya Kundendu Tushara) (English Transliteration) 🚩
Saraswati Vandana
Ya Kundendutusharahardhavala Ya Shubhravastravrita|
Ya Veena Varadanda Manditakara Ya Shvetapadmasana
Ya Brahmachyuta Shankara Prabhritibhirdevaih Sada Vandita|
Sa Mam Patu Saraswati Bhagavati Nishsheshajadyapaha
Ya Kundendutusharahardhavala Ya Shubhravastravrita|
Ya Veena Varadanda Manditakara Ya Shvetapadmasana
Ya Brahmachyuta Shankara Prabhritibhirdevaih Sada Vandita|
Sa Mam Patu Saraswati Bhagavati Nishsheshajadyapaha
🚩 Saraswati Vandana Mantra (Ya Kundendu Tushara) — Dual Language View 🚩
॥ सरस्वती वंदना ॥
Saraswati Vandana
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला या शुभ्रवस्त्रावृता
Ya Kundendutusharahardhavala Ya Shubhravastravrita|
या वीणावरदण्डमण्डितकरा या श्वेतपद्मासना।
Ya Veena Varadanda Manditakara Ya Shvetapadmasana
या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता
Ya Brahmachyuta Shankara Prabhritibhirdevaih Sada Vandita|
सा मां पातु सरस्वती भगवती निःशेषजाड्यापहा॥
Sa Mam Patu Saraswati Bhagavati Nishsheshajadyapaha
💡 श्री Saraswati Vandana Mantra (Ya Kundendu Tushara) — Arth (Meaning) / अर्थ 💡
॥ लाइन-बाय-लाइन भावार्थ (अर्थ) ॥
या कुन्देन्दुतुषारहारधवला: जो कुंद के फूल, चंद्रमा और बर्फ के हार के समान श्वेत हैं।
या शुभ्रवस्त्रावृता: जो श्वेत वस्त्र धारण करती हैं।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा: जिनके हाथों में वीणा और वरदान देने वाला दंड सुशोभित है।
या श्वेतपद्मासना: जो सफेद कमल के आसन पर विराजमान हैं।
या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता: जिनकी ब्रह्मा, विष्णु और महेश जैसे देव सदैव वंदना करते हैं।
सा मां पातु सरस्वती भगवती: वे भगवती सरस्वती मेरी रक्षा करें।
निःशेषजाड्यापहा: और मेरी समस्त अज्ञानता व अज्ञान रूपी मूर्खता का पूर्ण विनाश करें।
या शुभ्रवस्त्रावृता: जो श्वेत वस्त्र धारण करती हैं।
या वीणावरदण्डमण्डितकरा: जिनके हाथों में वीणा और वरदान देने वाला दंड सुशोभित है।
या श्वेतपद्मासना: जो सफेद कमल के आसन पर विराजमान हैं।
या ब्रह्माच्युतशङ्करप्रभृतिभिर्देवैः सदा वन्दिता: जिनकी ब्रह्मा, विष्णु और महेश जैसे देव सदैव वंदना करते हैं।
सा मां पातु सरस्वती भगवती: वे भगवती सरस्वती मेरी रक्षा करें।
निःशेषजाड्यापहा: और मेरी समस्त अज्ञानता व अज्ञान रूपी मूर्खता का पूर्ण विनाश करें।