Date: Sep 04, 2026
श्री कृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami)
भाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि की मध्यरात्रि में रोहिणी नक्षत्र में भगवान श्री हरि विष्णु के आठवें पूर्ण अवतार श्री कृष्ण का प्राकट्य हुआ था।
Puja Vidhi & Ritual Steps
॥ जन्माष्टमी पूजा विधि ॥
1. दिनभर व्रत रखकर रात्रि १२ बजे लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक करें।
2. नए वस्त्र, मोरपंख, और झूला सजाकर बाल गोपाल को विराजमान करें।
3. माखन-मिश्री एवं धनिया पंजीरी का भोग लगाएं।
1. दिनभर व्रत रखकर रात्रि १२ बजे लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक करें।
2. नए वस्त्र, मोरपंख, और झूला सजाकर बाल गोपाल को विराजमान करें।
3. माखन-मिश्री एवं धनिया पंजीरी का भोग लगाएं।
Festival Mantra & Shlokas
॥ श्री कृष्ण महामंत्र ॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे।
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे।
हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
Festival Aarti
॥ आरती कुंजबिहारी की ॥
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की।
गले में वैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला॥
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की।
गले में वैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला॥
Festival Quick Info
- Festival: श्री कृष्ण जन्माष्टमी (Janmashtami)
- Date: Sep 04, 2026
- Category: Major Hindu Festival