Mantra
ગુજરાતી (Gujarati)
Hanuman
Manojavam Marutatulyavegam Mantra
Manojavam Marutatulyavegam Mantra in Gujarati (Manojavam Marutatulyavegam Mantra)
सम्पूर्ण Manojavam Marutatulyavegam Mantra in Gujarati (Manojavam Marutatulyavegam Mantra) मूल मंत्र, English Transliteration एवं अर्थ सहित DevDhun पर पढ़ें।
Text:
પવિત્ર મંત્ર
મનોજવં મારુતતુલ્યવેગં જિતેન્દ્રિયં બુદ્ધિમતાં વરિષ્ઠમ્।
વાતાત્મજં વાનરયૂથમુખ્યં શ્રીરામદૂતં શરણં પ્રપદ્યે॥
Sacred Mantra (Transliteration)
Manojavam Maarutatulya Vegam
Manojavam Marutatulyavegam Jitendriyam Buddhimatam Varishtam|
Vatatmajam Vanarayuthamukhyam Shriramadutam Sharanam Prapadye
પવિત્ર મંત્ર (Dual View)
મનોજવં મારુતતુલ્યવેગં જિતેન્દ્રિયં બુદ્ધિમતાં વરિષ્ઠમ્।
Manojavam Maarutatulya Vegam
વાતાત્મજં વાનરયૂથમુખ્યં શ્રીરામદૂતં શરણં પ્રપદ્યે॥
પવિત્ર મંત્ર (ભાવાર્થ)
મનોજવં મારુતતુલ્યવેગં જિતેન્દ્રિયં બુદ્ધિમતાં વરિષ્ઠમ્।
Manojavam Maarutatulya Vegam
વાતાત્મજં વાનરયૂથમુખ્યં શ્રીરામદૂતં શરણં પ્રપદ્યે॥
ભાવાર્થ (Spiritual Meaning & Significance)
मनोजवं मारुततुल्यवेगं: जिनका मन के समान तीव्र वेग है और जिनकी गति वायु के समान अति तीव्र है।
जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्: जिन्होंने अपनी सभी इंद्रियों को जीत लिया है और जो बुद्धिमानों में सर्वश्रेष्ठ हैं।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं: जो पवनदेव के पुत्र हैं और समस्त वानर सेना के मुख्य नायक हैं।
श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये: ऐसे श्री राम दूत हनुमान जी के पावन चरणों में मैं शरण ग्रहण करता हूँ।
जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्: जिन्होंने अपनी सभी इंद्रियों को जीत लिया है और जो बुद्धिमानों में सर्वश्रेष्ठ हैं।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं: जो पवनदेव के पुत्र हैं और समस्त वानर सेना के मुख्य नायक हैं।
श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये: ऐसे श्री राम दूत हनुमान जी के पावन चरणों में मैं शरण ग्रहण करता हूँ।
ભાવાર્થ (Spiritual Wisdom & Summary)
॥ लाइन-बाय-लाइन भावार्थ (अर्थ) ॥
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मनोजवं मारुततुल्यवेगं: जिनका मन के समान तीव्र वेग है और जिनकी गति वायु के समान अति तीव्र है।
जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्: जिन्होंने अपनी सभी इंद्रियों को जीत लिया है और जो बुद्धिमानों में सर्वश्रेष्ठ हैं।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं: जो पवनदेव के पुत्र हैं और समस्त वानर सेना के मुख्य नायक हैं।
श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये: ऐसे श्री राम दूत हनुमान जी के पावन चरणों में मैं शरण ग्रहण करता हूँ।
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मनोजवं मारुततुल्यवेगं: जिनका मन के समान तीव्र वेग है और जिनकी गति वायु के समान अति तीव्र है।
जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्: जिन्होंने अपनी सभी इंद्रियों को जीत लिया है और जो बुद्धिमानों में सर्वश्रेष्ठ हैं।
वातात्मजं वानरयूथमुख्यं: जो पवनदेव के पुत्र हैं और समस्त वानर सेना के मुख्य नायक हैं।
श्रीरामदूतं शरणं प्रपद्ये: ऐसे श्री राम दूत हनुमान जी के पावन चरणों में मैं शरण ग्रहण करता हूँ।
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