Devotional Quotes Krishna श्रीमद्भगवद्गीता (अध्याय १८, श्लोक ६६)

सर्वधर्मान्परित्यज्य — संपूर्ण शरणागति

समस्त सांसारिक चिंताओं और धर्मों को छोड़कर केवल एक ईश्वर की शरण में जाने से सभी पापों से मुक्ति मिलती है।

सर्वधर्मान्परित्यज्य — संपूर्ण शरणागति
Krishna

सर्वधर्मान्परित्यज्य मामेकं शरणं व्रज।
अहं त्वां सर्वपापेभ्यो मोक्षयिष्यामि मा शुचः॥

Sarva-dharman parityajya mam ekam sharanam vraja |
Aham tvam sarva-papebhyo mokshayishyami ma shuchah ||

— श्रीमद्भगवद्गीता (अध्याय १८, श्लोक ६६)

भावार्थ एवं आध्यात्मिक रहस्य (Hindi Meaning)

समस्त धर्मों (विधियों एवं आश्रयों) को त्यागकर केवल मेरी ही शरण में आ जाओ। मैं तुम्हें संपूर्ण पापों से मुक्त कर दूंगा, तुम शोक मत करो।


English Meaning & Wisdom:

Abandon all varieties of dharmas and simply surrender unto Me alone. I shall deliver you from all sinful reactions; do not grieve.