Kali
Maa Kali — The Supreme Protector, Destroyer of Ego and Negative Forces, and the Fierce Compassionate Form of Adya Shakti.
Kali Chalisa Lyrics in Hindi & English With Meaning | Complete 40 Chaupai
Read complete Sri Kali Chalisa lyrics in Hindi with English transliteration, verse-by-verse Hindi भावार्थ and English meaning. Complete 40 chaupais dedicated to Maa Kali.
About Kali
भगवती माँ काली सनातन धर्म में आद्याशक्ति परमब्रह्म स्वरूपा एवं दस महाविद्याओं में प्रथम और प्रमुख देवी हैं। वे अज्ञान, अहंकार, भय और नकारात्मक ऊर्जा का समूल नाश कर साधकों को अभय, आत्मज्ञान और परम शांति प्रदान करने वाली करुणामयी माता हैं।
माँ काली का स्वरूप अत्यंत दिव्य, अलौकिक और गूढ़ आध्यात्मिक रहस्यों से परिपूर्ण है। उनका श्यामल (नील) वर्ण अनंत आकाश और संपूर्ण ब्रह्मांड के लय का प्रतीक है। उनके खुले केश मुक्ति एवं अनासक्ति का संदेश देते हैं। त्रिनेत्र संपन्न माँ भूत, भविष्य और वर्तमान का प्रत्यक्ष दर्शन कराती हैं। उनके गले में नरमुंडों की माला मानव अहंकार व वर्णमाला के पचास अक्षरों (मातृकाओं) के संहार व ज्ञान की प्रतीक है। वे अपने हाथों में खड्ग (जो ज्ञान द्वारा अज्ञान के छेदन का प्रतीक है) और अभय व वरद मुद्रा धारण कर भक्तों की समस्त विपत्तियों से रक्षा करती हैं।
पुराणों एवं तंत्र शास्त्रों में माँ काली के कई पावन स्वरूपों की वंदना की गई है, जिनमें दक्षिणा काली, भद्रकाली, श्मशान काली, गुह्यकाली और महाकाली प्रमुख हैं। भक्तजन विशेष रूप से मंगलवार, शनिवार, प्रत्येक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी (शिवरात्रि) तथा कार्तिक अमावस्या (दीपावली) की रात्रि को माँ काली की विशेष पूजा-अर्चना करते हैं।
श्री काली चालीसा, कालभैरवाष्टकम, महिषासुरमर्दिनी स्तोत्र एवं पावन काली मंत्रों का श्रद्धापूर्वक नित्य पाठ करने से जीवन में भय, व्याधि, शत्रु-बाधा और आंतरिक विकारों का निवारण होता है तथा दैवीय सुरक्षा की अनुभूति होती है।