Santoshi Mata
Maa Santoshi – The Divine Goddess of Satisfaction, Inner Peace, Contentment, and Joy (संतोषी माता).
Santoshi Mata Chalisa Lyrics in Hindi & English With Meaning | Complete 40 Chaupai
Read complete Sri Santoshi Mata Chalisa lyrics in Hindi with English transliteration, verse-by-verse Hindi भावार्थ and English meaning. Complete 40 chaupais for Friday Vrat pooja.
About Santoshi Mata
भगवती माँ संतोषी सनातन हिंदू परंपरा में परम संतोष, आत्मिक शांति, सुख-समृद्धि और पारिवारिक सौहार्द की अधिष्ठात्री देवी हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार माँ संतोषी प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश तथा माता रिद्धि-सिद्धि की पावन सुपुत्री एवं श्री शुभ व लाभ की भगिनी हैं। 'संतोष' का शाब्दिक अर्थ तृप्ति, धैर्य और आंतरिक आनंद है; जो भक्त माँ संतोषी की निष्काम एवं निर्मल भाव से उपासना करते हैं, उनके जीवन में हर प्रकार के अभाव, असंतोष और अशांति का निवारण होकर असीम शांति का संचार होता है।
माँ संतोषी का स्वरूप अत्यंत शांत, सौम्य और करुणामयी माता का है। वे सुरम्य रक्त कमल पुष्प पर सुशोभित हैं। उनके चतुर्भुज स्वरूप में त्रिशूल, तलवार, अमृत कलश अथवा मिष्ठान्न का पात्र सुशोभित है और वे एक हाथ से अभय मुद्रा द्वारा भक्तों को सर्वविघ्न-निवारक मंगल आशीर्वाद प्रदान करती हैं।
माँ संतोषी का शुक्रवार व्रत (Santoshi Mata Vrat) हिंदू परिवारों में श्रद्धा और नियमपूर्वक किया जाता है। लगातार 16 शुक्रवार तक निष्ठा से किए जाने वाले इस व्रत में माता को गुड़-चने (गुड़ और भुना चना) का सात्विक भोग अर्पित किया जाता है। इस व्रत का मुख्य नियम खटाई (खट्टे पदार्थों) का पूर्ण त्याग करना है, जो जीवन में ईर्ष्या, कटुता और असंतोष के त्याग का पावन आध्यात्मिक संदेश देता है।
माँ संतोषी चालीसा, आरती और पावन व्रत कथा का श्रद्धापूर्वक श्रवण व पाठ करने से गृह-क्लेश दूर होते हैं, परिवार में खुशहाली आती है और मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।