Devotional Quotes
Krishna
श्रीमद्भगवद्गीता (अध्याय १८, श्लोक ६१)
ईश्वरः सर्वभूतानां — अंतर्यामी परमात्मा
परमेश्वर सभी प्राणियों के हृदय में विराजमान हैं और अपनी माया से इस संसार रूपी चक्र को चला रहे हैं।
Krishna
ईश्वरः सर्वभूतानां हृद्देशेऽर्जुन तिष्ठति।
भ्रामयन्सर्वभूतानि यन्त्रारूढानि मायया॥
Ishvarah sarva-bhutanam hrid-deshe 'rjuna tishthati |
Bhramayan sarva-bhutani yantrarudhani mayaya ||
— श्रीमद्भगवद्गीता (अध्याय १८, श्लोक ६१)
भावार्थ एवं आध्यात्मिक रहस्य (Hindi Meaning)
हे अर्जुन! परमेश्वर समस्त प्राणियों के हृदय-प्रदेश में नित्य विराजमान हैं और अपनी माया शक्ति के द्वारा सभी जीवों को यंत्र पर आरूढ़ पुतलों की भांति कर्मानुसार भ्रमण कराते रहते हैं।
English Meaning & Wisdom:
The Supreme Lord dwells in the hearts of all living beings, O Arjuna, directing the wanderings of all entities who are seated as on a machine made of the material energy.