घटस्थापना के नियम एवं सावधानियां
घटस्थापना सदैव प्रतिपदा तिथि के पहले एक-तिहाई भाग में या अभिजित मुहूर्त में ही करनी चाहिए। चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग में कलश स्थापना का निषेध बताया गया है।
शारदीय एवं चैत्र नवरात्रि में माँ दुर्गा के नौ रूपों की आराधना, घटस्थापना का पावन शुभ मुहूर्त, आवश्यक पूजन सामग्री और कलश स्थापना की सरल एवं प्रामाणिक वैदिक विधि।
नवरात्रि केवल उपवास का पर्व नहीं, अपितु अंतःकरण के शुद्धिकरण और आत्मिक शक्तियों के जागरण का काल है। संयम, सात्विकता और अनन्य भक्ति से जीवन की समस्त नकारात्मक ऊर्जाएं समाप्त हो जाती हैं।
घटस्थापना सदैव प्रतिपदा तिथि के पहले एक-तिहाई भाग में या अभिजित मुहूर्त में ही करनी चाहिए। चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग में कलश स्थापना का निषेध बताया गया है।