रुद्राभिषेक का आध्यात्मिक रहस्य
भगवान शिव जलधाराप्रिय हैं—"जलेन तृप्यते रुद्रः"। शिवलिंग पर गिरती जल की एक-एक बूंद मन के संतापों को शांत कर शांति और विवेक का संचार करती है।
भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग का पवित्र द्रव्यों (दूध, दही, घी, शहद, गन्ने का रस, गंगाजल) द्वारा अभिषेक करने की वैदिक विधि, विभिन्न द्रव्यों के फल एवं महाशिवरात्रि/सावन का महत्त्व।
रुद्राभिषेक से व्यक्ति के प्रारब्ध जनित ग्रह दोष (विशेषकर कालसर्प, शनि की साढ़ेसाती और चंद्र दोष) शांत होते हैं और आत्मिक शांति प्राप्त होती है।
भगवान शिव जलधाराप्रिय हैं—"जलेन तृप्यते रुद्रः"। शिवलिंग पर गिरती जल की एक-एक बूंद मन के संतापों को शांत कर शांति और विवेक का संचार करती है।