एकादशी व्रत का फल
पद्म पुराण में कहा गया है कि अश्वमेध यज्ञ और सहस्रों वर्षों की तपस्या से जो पुण्य फल मिलता है, वह केवल एक एकादशी के श्रद्धापूर्वक व्रत से प्राप्त हो जाता है।
वर्ष की सभी २४ एकादशियों का महत्त्व, चावल न खाने का वैज्ञानिक एवं पौराणिक कारण, दशमी से लेकर द्वादशी तक के आचार-नियम और हरिवासर में पारण की विधि।
एकादशी का व्रत शरीर के शोधन (डिटॉक्स) के साथ-साथ मन की एकाग्रता और मोक्ष प्राप्ति का सर्वोत्तम साधन है।
पद्म पुराण में कहा गया है कि अश्वमेध यज्ञ और सहस्रों वर्षों की तपस्या से जो पुण्य फल मिलता है, वह केवल एक एकादशी के श्रद्धापूर्वक व्रत से प्राप्त हो जाता है।